नौकरी कब मिलेगी? कुंडली से जानिए
नौकरी का समय दशम भाव (कर्म भाव), उसके स्वामी की दशा, शनि-सूर्य की स्थिति और छठे भाव (प्रतियोगी सेवा) से पढ़ा जाता है। जब दशम या छठे भाव से जुड़ी दशा चलती है और गुरु या शनि का गोचर सहायक होता है, तब नियुक्ति की खिड़कियाँ खुलती हैं — तैयारी वहीं सबसे ज़्यादा फल देती है।
सरकारी नौकरी का योग
सूर्य-शनि की मज़बूती छठे भाव के साथ सरकारी सेवा का क्लासिक योग है; नवमेश-दशमेश का संबंध (राजयोग) IAS/IPS जैसी प्रशासनिक ऊँचाई दिखाता है। कौन-सा प्रयास सफल होगा, यह चलती दशा तय करती है — इसीलिए प्रयासों की योजना कुंडली से बनाना समझदारी है।
नौकरी नहीं मिल रही — कारण क्या है?
योग्यता के बावजूद नियुक्ति न मिले तो अक्सर चलती दशा दशम/छठे भाव से कटी होती है, या शनि पहले परीक्षा लेकर फिर देता है। निदान से पता चलता है कि अभी रुकावट का कारण क्या है और मोड़ कब आएगा — यही जानकारी हताशा को योजना में बदल देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ज्योतिष बता सकता है नौकरी कब लगेगी?
हाँ — दशम/छठे भाव से जुड़ी दशाएँ और सहायक गोचर नियुक्ति की खिड़कियाँ दिखाते हैं। खिड़की के भीतर आपकी तैयारी परिणाम बनाती है।
सरकारी नौकरी का योग कैसे देखें?
सूर्य-शनि की शक्ति + छठा भाव + नवमेश-दशमेश का संबंध। डॉ. शर्मा आपकी कुंडली से यह भी बताते हैं कि सरकारी और निजी में से आपका झुकाव किधर है।
प्रमोशन कब होगा?
दशमेश और एकादश भाव (लाभ) की दशाएँ पदोन्नति की अवधि दिखाती हैं; शनि का सहयोग स्थायित्व देता है।
परामर्श कैसे लें?
कुंडली और 90 पेज की PDF मुफ़्त। पूर्ण परामर्श ₹5,100 — फ़ोन, WhatsApp (+91 80104 01001) या वीडियो।