पंचांग

आज का पंचांग Aaj Ka Panchang

तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और शुभ मुहूर्त — किसी भी शहर के लिए सटीक दैनिक पंचांग।

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पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर का आधार है — पाँच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। यह शुभ मुहूर्त, व्रत और त्योहारों की तिथि निर्धारित करने में सहायक है।

मुहूर्त क्यों ज़रूरी है?

किसी भी शुभ कार्य — विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार — के लिए सही मुहूर्त उस कार्य की सफलता को बल देता है। मुहूर्त कुंडली और पंचांग दोनों को मिलाकर चुना जाता है।

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पंचांग के पाँच अंग

तिथि — चंद्रमा और सूर्य के बीच का कोणीय अंतर, जो शुक्ल और कृष्ण पक्ष की तिथियाँ बनाता है। किसी भी व्रत, पूजा या संस्कार की तारीख तिथि से ही तय होती है, अंग्रेज़ी कैलेंडर की तारीख से नहीं।

वार — सप्ताह का दिन, जिसका स्वामी ग्रह उस दिन के कार्यों पर प्रभाव डालता है। मंगलवार को ऋण-सम्बन्धी और गुरुवार को शुभ-कार्य वरीयता पाते हैं।

नक्षत्र — चंद्रमा जिस तारा-मंडल में स्थित है। सत्ताईस नक्षत्रों में से प्रत्येक का अपना स्वभाव है — कुछ यात्रा के लिए, कुछ विवाह के लिए, कुछ नए आरम्भ के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।

योग — सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति से बनने वाले सत्ताईस योग, जिनमें से कुछ (जैसे व्यतीपात, वैधृति) महत्वपूर्ण कार्यों में टाले जाते हैं।

करण — तिथि का आधा भाग। ग्यारह करणों में से चार स्थिर हैं और सात चर।

राहु काल और शुभ समय

राहु काल प्रत्येक दिन लगभग डेढ़ घंटे का वह समय है जिसमें नया कार्य आरम्भ करने से परम्परा में बचा जाता है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को आठ भागों में बाँटकर निकाला जाता है, इसलिए यह हर शहर में अलग होता है — दिल्ली और चेन्नई का राहु काल एक नहीं होता।

इसी तरह अभिजित मुहूर्त दोपहर के आसपास का वह छोटा-सा काल है जिसे अधिकांश कार्यों के लिए शुभ माना गया है, और गुलिक काल तथा यमगंड को सामान्यतः टाला जाता है।

पंचांग का व्यावहारिक उपयोग

पंचांग भय के लिए नहीं, योजना के लिए है। जो कार्य टाला जा सकता है — दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर, गृह-प्रवेश, वाहन-क्रय — उसे शुभ समय में रखना उचित है। जो कार्य टाला नहीं जा सकता, उसे निर्धारित समय पर ही करें; ज्योतिष जीवन रोकने के लिए नहीं है।

सामान्य प्रश्न

क्या पंचांग हर शहर के लिए अलग होता है?

हाँ — सूर्योदय/सूर्यास्त और राहु काल स्थान के अनुसार बदलते हैं, इसलिए पंचांग आपके शहर के अनुसार ही देखें।

डॉ. आर.पी. शर्मा — 1979 से वैदिक ज्योतिष, Ph.D. एवं आचार्य। एक निश्चित शुल्क ₹5,100 में पूर्ण परामर्श।

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